लखनऊ: विश्व वृद्धजन दुर्व्यवहार जागरूकता दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक भावनात्मक संदेश जारी किया। अपनी पाती में उन्होंने समाज में बढ़ते वृद्धाश्रमों और अकेले पड़ते बुजुर्गों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि घरों का सूना होना और वृद्धाश्रमों का बढ़ना मन को व्यथित करने वाला विषय है।
मुख्यमंत्री ने लोगों से आत्ममंथन करने की अपील करते हुए कहा कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए जीवनभर संघर्ष किया, वही उम्र के अंतिम पड़ाव में अकेलेपन और उपेक्षा का सामना करने को मजबूर हो रहे हैं।
बुजुर्गों को सबसे ज्यादा जरूरत अपनत्व की
सीएम योगी ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली और रोजगार के कारण युवा अपने घरों से दूर रह रहे हैं। ऐसे में कई बार इच्छा होने के बावजूद वे अपने वृद्ध माता-पिता की सेवा नहीं कर पाते। उन्होंने कहा कि जीवन के इस चरण में बुजुर्गों को सबसे अधिक अपनत्व और सम्मान की आवश्यकता होती है, लेकिन दुर्भाग्यवश कई मामलों में उन्हें अपने ही लोगों के दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ता है।
उन्होंने यह भी कहा कि स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि देश की सर्वोच्च अदालत को भी अपने आदेशों में पारिवारिक जिम्मेदारियों और सांस्कृतिक मूल्यों की याद दिलानी पड़ रही है।
भगवान गणेश, श्रवण कुमार और श्रीराम का किया उल्लेख
मुख्यमंत्री ने भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि माता-पिता और गुरु को साक्षात ईश्वर का दर्जा दिया गया है। उन्होंने भगवान गणेश की कथा का जिक्र करते हुए बताया कि गणेश ने अपने माता-पिता को ही संपूर्ण संसार मानकर उनकी परिक्रमा की थी और यही भावना उन्हें प्रथम पूज्य बनने का गौरव दिलाती है।
उन्होंने श्रवण कुमार की सेवा भावना और भगवान श्रीराम के आदर्शों का भी उल्लेख किया। सीएम ने कहा कि भगवान राम ने माता-पिता के सम्मान और वचन की रक्षा के लिए 14 वर्षों का वनवास स्वीकार कर लिया था।
वृद्धजनों का सम्मान हमारी संस्कृति की पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय जीवनशैली पारिवारिक संबंधों, सामाजिक मूल्यों और परंपराओं पर आधारित है। बड़ों के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लेने की परंपरा केवल एक संस्कार नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता और संस्कृति की पहचान है।
उन्होंने कहा कि बुजुर्ग समाज के अनुभव, ज्ञान और जीवन मूल्यों के सबसे बड़े संरक्षक होते हैं। इसलिए उनका सम्मान और देखभाल हर परिवार और समाज की जिम्मेदारी है।
पेंशन बढ़ाकर 1500 रुपये करने का ऐलान
सीएम योगी ने बताया कि राज्य सरकार ने वृद्धजनों और निराश्रित महिलाओं के सम्मानजनक जीवन के लिए पेंशन राशि बढ़ाकर 1500 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया है।
इसके अलावा निराश्रित महिलाओं को आयुष्मान भारत-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना और मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना से जोड़ा जाएगा, ताकि उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। साथ ही उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना और मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ भी उपलब्ध कराया जाएगा।
योग अपनाने की भी दी सलाह
मुख्यमंत्री ने बुजुर्गों से अपने शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए योग को जीवन का हिस्सा बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 21 जून को मनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है।
उन्होंने कहा कि यह केवल एक विषय नहीं, बल्कि दुनिया भर में बुजुर्गों के स्वास्थ्य, सम्मान और गरिमापूर्ण जीवन को लेकर एक साझा संकल्प का प्रतीक है।
